बेलगहना में राजस्व अमले की ‘दबंगई’: सीमांकन के नाम पर आदिवासियों पर बरसे “पटवारी RI”, कैमरे देख बोले- ‘इतने बड़े पत्रकार हो तो तुम ही नाप लो जमीन’

सुशासन तिहार की खुली पोल: बेलगहना पटवारी और आरआई पर गंभीर आरोप, कलेक्टर से शिकायत की तैयारी में पत्रकार संघ
कोटा/बेलगहना (जीशान अंसारी की रिपोर्ट)। विकासखंड कोटा के बेलगहना क्षेत्र की ग्राम पंचायत डांडबछाली में सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और अहंकार का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। सुशासन का ढिंढोरा पीटने वाले राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर ग्रामीणों को महीनों दौड़ाने, आदिवासियों को जातिसूचक गालियां देने और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडियाकर्मियों से बदसलूकी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों और पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

महीनों चक्कर कटवाए, जब पहुंचे तो दिखाने लगे ‘रौब’ :-
ग्रामीणों का आरोप है कि अपनी ही जमीन के सीमांकन के लिए वे महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। जब ‘सुशासन तिहार’ में गुहार लगाने के बाद राजस्व अमला, पटवारी राम रमेश बागड़ी और राजस्व निरीक्षक (RI) मौके पर पहुंचे, तो उनका रवैया किसी लोकसेवक जैसा नहीं बल्कि ‘सामंतों’ जैसा था। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों ने उनके साथ न सिर्फ बदतमीजी की, बल्कि आदिवासियों को सरेआम जातिगत रूप से अपमानित करते हुए गाली-गलौच की।

”तुम ही नाप लो जमीन…” – सवाल पूछने पर भड़के RI साहब :-
मौके पर जब बेलगहना पत्रकार संघ के सदस्यों ने ग्रामीणों की प्रताड़ना और सीमांकन में हो रही देरी पर सवाल दागे, तो राजस्व निरीक्षक (RI) अपना आपा खो बैठे। कैमरे और वीडियो रिकॉर्डिंग को देखकर बौखलाए आरआई ने तानाशाही लहजे में पत्रकार को धमकाते हुए कहा ”तुम वीडियो-फोटो क्यों ले रहे हो, किसने कहा है? यहां से चले जाओ या फिर तुम ही जमीन नाप लो।” पत्रकारों का कहना है कि यह सीधा हमला स्वतंत्र पत्रकारिता और जनता के सूचना के अधिकार पर है। सरकारी कमियों को छिपाने के लिए अधिकारियों द्वारा मीडिया को डराना अब आम बात हो गई है।

पटवारी की दोटूक: “नहीं होने दूंगा सीमांकन!”
हैरानी की बात तो यह है कि पटवारी राम रमेश बागड़ी पर ग्रामीणों ने और भी संगीन आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पटवारी ने न सिर्फ अभद्र और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि “वह संबंधित भूमि का सीमांकन किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।” कानूनी पेंच यदि ग्रामीणों और आदिवासियों के ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह सीधे तौर पर शासकीय आचरण नियमावली का उल्लंघन तो है ही, साथ ही एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
आर-पार के मूड में पत्रकार संघ, कलेक्टर को सौंपा जाएगा ज्ञापन :-
इस बदसलूकी के बाद क्षेत्र के पत्रकारों में जबरदस्त उबाल है। बेलगहना पत्रकार संघ ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। पत्रकार संघ ने एलान किया है कि वे इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर को एक शिकायती ज्ञापन सौंपेंगे और दोषी पटवारी व आरआई के खिलाफ तत्काल निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई की मांग करेंगे।














